अन्तकरण, Poems

कर्म का सुझाव

सब कुछ है तेरा कमाया हुआ,बुरा भी अच्छा भी ,हर बंदा तेरे आस पास, तेरा ही माँगा हुआ हैझूठा भी सच्चा भी ,स्वीकार ले कि यह सब तेरा ही चुनाव है, तेरा ही चुनाव है। कुछ है जो तुझे याद नहीं, कुछ है जो तुझे याद है,कुछ है जो तेरे बस में है, कुछ है… Continue reading कर्म का सुझाव