Poems

सुनिए मेरी स्वरचित कवितायें. Oct 12, 2021 .कार्यक्रम : महिला जगत :कलम में है दम: पल्लवी शर्मासमय : दोपहर 1 बजे जयपुर आकाशवाणी 100.3 . You can download app also NewsonAir For Applehttps://apps.apple.com/in/app/newsonair/id1450030867 For Androidhttps://play.google.com/store/apps/details?id=com.parsarbharti.airnewsFor AIR Akashwani Programs download this App And select Akashwani JaipurThank You very much

अन्तकरण, Inspirational, Poems

कल्प वृक्ष मन में

चाह थी कि कल्प वृक्ष मिल जायेज़्यादा नही पर कुछ देर के लिए ही मिल जायेचाहते चाहते एक दिन मिल ही गयादिल में ही बीज था उसका जो इच्छा होते ही खिल गया जब भी कुछ सोचतीजब भी कुछ चाहती तो कहताकोशिश करो तन सेचाहो पूरे मन से डाल देती जान पूरी फिर उसमें और… Continue reading कल्प वृक्ष मन में

Poems

कुछ दूरगामी प्रभाव ऐसे भी

एक विद्वान अर्थशास्त्री ग्रेशम ने कहा है " नयी मुद्रा पुरानी मुद्रा को चलन से बहार कर देती है" यह मत समझियेगा कि अब मैं यह बात ज़िन्दगी से जोड़ने वाली हूँ | यह कथन जीवन के परिप्रेक्ष्य में बिलकुल भी नहीं कही जा सकती। क्योंकि अर्थशास्त्र और जीवन के नियम एक जैसे नहीं है… Continue reading कुछ दूरगामी प्रभाव ऐसे भी

Poems

जीत और पूँजी

जीत और पूँजी एक दिन की नहीं होती है धीरे धीरे बनाने से बनती है धैर्य से सहजने से बनती हैथोड़ा थोड़ा बचाने से बनती है जीत और पूँजी एक दिन की नहीं होती है थोड़ा इम्तिहान लेती है थोड़ा सब्र देती है थोड़ा सबक़ सिखाती है और फिर खुद के लायक बनाती है जीत… Continue reading जीत और पूँजी

प्रेरणादायी अनुभव, लेख, Inspirational, Poems

हल्दी वाला दूध

मैं रोज़ रात को हल्दी दूध पीकर सोती हूँ. सर्दियों और बरसात में यह बहुत फायदा तो करता ही है साथ में शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ाता है. हल्दी में औषधीय गुण है इसलिए समय समय पर यह रोग उपचार के काम भी आती है आपको लगेगा की यह बात में क्यों सबको… Continue reading हल्दी वाला दूध

अन्तकरण, Poems

कर्म का सुझाव

सब कुछ है तेरा कमाया हुआ,बुरा भी अच्छा भी ,हर बंदा तेरे आस पास, तेरा ही माँगा हुआ हैझूठा भी सच्चा भी ,स्वीकार ले कि यह सब तेरा ही चुनाव है, तेरा ही चुनाव है। कुछ है जो तुझे याद नहीं, कुछ है जो तुझे याद है,कुछ है जो तेरे बस में है, कुछ है… Continue reading कर्म का सुझाव

Poems

इंद्रधनुषीय माँ

हवा के बदले बस कुछ पत्तियां मांगती है , जिनके हिलने से प्राणवायु बहती है ,छाया के बदले बस कुछ टहनियाँ मांगती है ,जिनके इकट्ठे होने से ही ठंडी छाया गिरती है। तना भी उस खम्भे की तरह है जिस पर यह जीवन ऊर्जा टिकी रहती रहती है,और जड़े उस नींव की तरह है जिससे… Continue reading इंद्रधनुषीय माँ

Emotions, Poems

अर्क ए इश्क़

अर्क-ए-इश्क़ कुछ यूँ दिख रहा था..चौदहवीं की रात चाँद का रूप जो बिखर रहा था,शबनम तले अल-सुबह एक पल्लव निखर रहा था.. अर्क-ए-इश्क़ कुछ यूँ दिख रहा था...ठंडक थी वो ऊंचाइयों वाली हिम् की तरह,बैचैन थी वो, कभी मेरी कभी तुम्हारी तरह,नदी सी मैं ,पर्वतो में गुम जिस तरह... अर्क-ए-इश्क़ कुछ यूँ दिख रहा था....महकती… Continue reading अर्क ए इश्क़

Emotions, Muktak (मुक्तक)

फुरसत में भी मसरूफ़

जल्दबाज़ी की यूँ आदत हो चली है अब कि,फुर्सत मिले तब भी फुर्सत से बैठा नहीं जाता। वक़्त कीमती है यह इस तरह समझ आ गया है कि,मसरूफ़ हुए बिना खाली समय भी नही गुज़ारा जाता।

Emotions, Muktak (मुक्तक)

अप्रत्याशित ये जिंदगी

जो संवारने से संवर जाए वो है जिंदगी, जो गुजारने से गुजर जाए वह है जिंदगी। बिखर जाने की ज़िद में आकर कभी सिमट जाए, तो कभी सिमटने की कोशिश में बिखर जाए वो है ज़िन्दगी। कभी एक ही पल में उत्तर से दक्षिण हो,अपना रास्ता बदल लें, कभी सालो तक एक ही धुन में… Continue reading अप्रत्याशित ये जिंदगी

Bitter Truth, Inspirational

धरती सी नारी

जन्म देने वाली का भी, जन्म कभी हुआ होगासृजन करने वाली का भी, सृजन कभी हुआ होगाजो इतनी महत्ता रखती है उसे अपने लिए लड़ना होगा,ऐसा उसने कभी सोचा न होगा।। पोषित करने वाली को भी पोषण चाहिए,अन्नपूर्णा को भी अन्न चाहिए,जो समझें सबके मन को,समझे कोई उसे भी,ऐसा मन चाहिए।।हक़ है जिसपर,उसे पाने के… Continue reading धरती सी नारी

Bitter Truth, Poems

संघर्ष-एक मित्र

आरंभ है या अंत यह तो मुझे पता नहीं, यह पता ना होने में भी, मेरी कोई ख़ता नही। संघर्ष की हद ही अक्सर लोगो के लिये दवा बन जाया करती है।। जो थी कल की घुटन, वही आज की ताज़ा हवा बन जाया करती है।। सच तो यही हैं कि रास्ते को पार करना… Continue reading संघर्ष-एक मित्र

Poems

मेरी रचना मेरे अहसास।

मेरी रचना मेरे लिए सिर्फ कुछ पंक्तियां नही, मेरे वो अहसास है, जिन्हें मैं कभी जता भी न पायी, और किसी को बता भी न पायी। कुछ उन ज़ख़्मो की याद है, जिन्हें मैं कभी भूल भी न पायी। कभी भर भी न पायी।। कुछ उन खुशियों की मिठास है, जिन्हें मैं जी भर के… Continue reading मेरी रचना मेरे अहसास।

Muktak (मुक्तक)

एक खयाल

अपने सही होने का नाज़ था तुम्हें... तुम्हारे जैसे जो होने लगे लोग तो नाज़, नाराज़गी में क्यों बदलने लगा। जो शिकायतें थी कल तक हमारी उसका रंग तुम्हारी उम्मीदों में क्यों ढलने लगा।।

Emotions, Poems

रंग बिरंगा आसमान किसके लिए.

ढ़का होता है नीला आकाश, बादलों के सांवलेपन से ,जैसे मन में प्रेम होने पर भी दूर होना किसी के अपनेपन से ,बादल है सच या वो नीलापन, पूछो अपने मन से...यह रंग बिरंगा आसमान किसके लिए... इंद्रधनुष की पिचकारी से निकलते हुए रंगों के मेले,सभी सुन्दर से, कि किसे रखें और किस से खेले… Continue reading रंग बिरंगा आसमान किसके लिए.

Emotions, Inspirational, Poems

शब्दों का सफ़र

कभी सोचना ज़रूर… क्या शब्द भी सफर करते हैं?नहीं? तो क्यूँ चलते हैं हमारे साथ-साथ हमारी उम्र की तरह, क्यूँ छूट नहीं जाते उम्र के पड़ावों की तरह... जिन्हें ज्यादा याद न करो, समय समय पर तरज़ीह न दो,वो बचपन की तरह धुंधला जाते हैं,याद करने पर याद आ भी जाते हैं,भूल जाने पर अपना… Continue reading शब्दों का सफ़र

Poems

अतुल सी- तुलसी

आँगन में लगी है वो निच्छल, चंचल सी... तुलसी।।मेरे साथ सदा मुस्कराई,मेरे हर भावना से वफादारी निभाई।मेरे रोने पर उसकी भी आंखें भर आयी।फिर सँभल कर मुझे हिम्मत बंधाई।।सुगंधित "पल्लव" के भरे पूरे कुल सी...   तुलसी।।हमसे अटूट श्रद्धा पाकर भी वो कभी नही इतराई,जड़ो को मिट्टी से बांधकर और ऊंची लहलहाई।हर तीज त्यौहार, दिवाली हमारे… Continue reading अतुल सी- तुलसी

Emotions, Inspirational, Muktak (मुक्तक), Poems

होंसले की कश्ती

हौंसलो का साथ न छोड़ना अंत तक.. कई बार कश्ती भी किनारा कर लिया करती है, किनारा मिलने से पहले।।समझ जाते है दिल से जुड़े लोग अनकहे इशारों को..कोई इशारा मिलने से पहले।।

Emotions, Poems

सभी इश्क़ मुक्कमल…

कौन कहता है इश्क़ सबके लिए नही होता। पर हाँ, हमेशा दोनो तरफा नही होता।। अपने अपने हिस्से का इश्क़ तो किया ही जा सकता है किसी से भी, कभी भी। पर हाँ... किसी से इज़हार नहीं होता, किसी से कबूल नही होता।। कोई पाने को मुक्कमल इश्क़ समझे, कोई फ़ना होने को। कोई भीड़… Continue reading सभी इश्क़ मुक्कमल…