Emotions, Poems

सभी इश्क़ मुक्कमल…

कौन कहता है इश्क़ सबके लिए नही होता। पर हाँ, हमेशा दोनो तरफा नही होता।। अपने अपने हिस्से का इश्क़ तो किया ही जा सकता है किसी से भी, कभी भी। पर हाँ... किसी से इज़हार नहीं होता, किसी से कबूल नही होता।। कोई पाने को मुक्कमल इश्क़ समझे, कोई फ़ना होने को। कोई भीड़… Continue reading सभी इश्क़ मुक्कमल…

देश, Inspirational, Poems

हम भी है देश के

बहुत हुआ सोच विचार चलो अब कुछ कर जाए।इस देश के लिए या तो जी ले या मर जाए।।यूँ भी जाना ही है एक दिन यह धरती छोडकरक्यों ना अपनी धरा के हिस्से में भी थोड़ा गौरव भर जाए।इस देश के लिए या तो जी ले या मर जाए।।सौंधी मिटी की महक सस्ती नही है… Continue reading हम भी है देश के

Emotions, Inspirational, Poems

पापा आपके जन्मदिन पर

जीवन की धरा के वो हिमालय थे, कि बर्फ से जमे सदा, कठिनाइयों की गर्मी पास आने नही दी।तन कर खड़े थे यूँ कि अपनो के सम्मान पर आंच आने नहीं दी। ऊँचाई पर इतने फिर भी धरती की महक गुम हो जाने नहीं दी। दिल से बांधकर स्वछंदता दी हमें, कि पथभ्रष्ट की स्थिति… Continue reading पापा आपके जन्मदिन पर

Poems

धन्यवाद कीजिये।।

सबको नही मिलता जो मिला है आपको, ज़रा कद्र कर लीजिये, जो दे रहा था वक़्त आपको, उसको तो वक़्त दीजिये। रुकता नही समय किसी के लिए ,जो अब तक धीरे थे तो गति तेज कीजिये, जिन्होंने भेजी आपको दिल की मन्नतें, समय निकाल कर उन्हें शुक्रिया तो भेज दीजिए।। ख़ुशनसीब है आप जो शुक्रिया… Continue reading धन्यवाद कीजिये।।

Emotions, Uncategorized

तुमने भी सही किया…

नही कहती मैं किसी से कि याद क्यों नही किया । अच्छा है जो तुम्हारे मन ने कहा तुमने वही किया ।। ज़बरन कशिश हो नही सकती रिश्तो में, न निभ सकता दिखावा, जिसने ख़ैरियत पूछी वो भी सही, जिसने नही पूछी , उसने भी सही किया।।

Emotions, Muktak (मुक्तक), Uncategorized

कैसे संभाल पाओगे

मशरूफ जो हुए हम, अपनी तन्हाइयो में, यक़ीन मानो, तुम्हारी ज़रूरत ना रहेगी, तुम्हारी नज़रअंदाज़ी, और मेरी तन्हाई ही बातें करेगी, ज़ुबान फिर कुछ न कहेगी।। लग गयी जो लत उस तन्हाई के नशे की हमें चाहकर भी तुम छुडा ना पाओगे, फिर तुम्हारी तनहाई और मेरी नज़र अंदाज़ी को गुफ़्तगू करते पाओगे।

Emotions, Muktak (मुक्तक), Uncategorized

जो ऐसा होता…

भुलाने के बजाय, जो माफ़ कर देते तो कितना अच्छा होता। नज़र तो उस ऐनक से साफ हुईं, जो नज़रिया भी साफ कर देते तो कितना अच्छा होता।। गलत तो सिर्फ कुछ मुग़ालते थे,और उस पर वो ख़ामोशी.. गर चंद बाते कर, इंसाफ कर देते तो कितना अच्छा होता।।

Muktak (मुक्तक), The start

उम्र ज़िन्दगी की…

मजबूरी नही, चाह होनी चाहिए ज़िन्दगी, मंज़िल नही, राह होनी चाहिए ज़िन्दगी। कुछ को लगती छोटी कुछ को लंबी चाहिए उम्र, पर हर तरह के पलो का जायका लिए, अथाह होनी चाहिये ज़िन्दगी।।

Emotions, Inspirational, Uncategorized

चाँद उम्मीद का…

वक़्त के साथ रात और गहरी हो चली है, देखते है यह कब तक स्याह रह पायेगी, जब एक नारंगी रोशनी उसे छूकर सुबह में बदल जाएगी। हालांकि अमावस हो या पूर्णिमा, रात रात ही कहलाती है, अंधेरी हो या उजली, सुबह के ख्वाब दिखाती है। पर अंतर तो बस चाँद जितना है,चाहे वो आसमान… Continue reading चाँद उम्मीद का…

Poems

जिजीविषा

दिल मे बस जाना आसान है,पर दिल से निकल कर फिर से बसना आसान नहीं।नज़रों में चढ़ जाना आसान है,पर नज़रों से गिर कर फिर से चढ़ना आसान नहीं।किसी का प्रेम पा लेना आसान है,पर प्रेम खो कर फिर से पाना आसान नहीं।कुछ पा कर हँसना आसान है पर,खोकर हँसना आसान नहीं।जीवन मिलना आसान हो… Continue reading जिजीविषा

Poems

तलाश में गुम

अभी यहीं रखा है, मैने थोड़ा ही चखा है,कुछ काम याद आ गया, मेरा ध्यान मचला गयाइतने में उड़ गया, मेरा सुख चैन चला गया...आता है हर रोज़ वो, पर मुझे शायद फुरसत नहींअनदेखा महसूस हुआ, उसे लगा उसकी जरूरत नहींउसके लिए भागती हूँ हमेशा उसे यह पता नहींमैंने भी कभी बताया नही, उसकी भी… Continue reading तलाश में गुम

Emotions, Muktak (मुक्तक), Uncategorized

एक कैद ऐसी भी ….

खुशबू उस पुराने गुलाब की,अब तक ज़हन से गयी नही।बावज़ूद इस इल्म के, कि महक ये इतनी भी नयी नही।उस डायरी के पन्नो में जम गई है यादे इस तरह अब स्याही ने भी कहना शुरू कर दिया किसी को यूँ कैद करना सही नही।।खुशबू उस पुराने गुलाब की,अब तक ज़हन से गयी नहीं।।

Inspirational, Uncategorized

दौर नर्म बारिश का

बारिशो का दौर है ,कैसे गुज़र जाने दे। कुछ नया आने को है, क्यों न उसे आने दे।। रंगहीन पानी ने रंग भर दिया चारो ओर , अपने तन मन को क्यों ना इसमें डुबाने दे बारिशो का दौर है , कैसे गुज़र जाने दे।। पंख लग जाते है, इस नन्हे से मन को, बादलो… Continue reading दौर नर्म बारिश का

Emotions, Poems

आज़ाद चाहत

सुकून की आरामगाह मिल जाती,दिल में भी पनाह मिल जाती,कोई फर्क न पड़े उसके प्यार को मेरी किसी बात से,ऐसी बिना वजह की चाह मिल जाती

Inspirational, Poems

निर्भय हो जा

दी हुई ज़िन्दगी उसकी, जैसा वो कहे वैसा कर जा जो वो कहे हिम पर्वत, तो बर्फ सा जम जा जो वो कहे शांत सरिता, तो निर्मल जल जैसे थम जा जो वो कहे पतझड़, तो सूखे पत्ते सा सहम जा फिर से उठ, न जमने के लिए न थमने के लिए ना अंत सामने… Continue reading निर्भय हो जा

Emotions, Poems

कौन झुके

भरोसे की चाह पर चलते जाना उतार चढ़ाव पर कभी चढ़ते तो कभी उतरते जाना जो ज़्यादा तेज़ चले बस वही थोड़ा रुक जाए,जिसकी गलती हो वो झुक जाये कोई भी नहीं होता पारस सुधरने का भी होता है अपना रस एक ही के झुकने से बढ़ जाएगी दूरियां बिना शब्दों का जीवन हो नीरस… Continue reading कौन झुके

विनोद दत्त, Guest Column

रामजी कई गया था

एक हास्य कविता मालवी भाषा में... छोरो बी.ए. कई भण्यो आसमान पे दिमाग जई रियो है माथा पे धुप पड़ी री खून पसीनो एक करी ने बाप खेत में हल चलई रियो है ,बाई बापड़ी बोवणी करी री ने देखो - बेटो इंग्लिश गाने गाई रियो है के - "माय हार्ट इस बीटिंग ने क्यूँ… Continue reading रामजी कई गया था

Poems

क़रीबी फ़ासला

जवाब-ए-दस्तक़ हमेशा दस्तक़ नहीं होती,दरवाज़ा भी कैसे खोले, कोई आहट जब तक नहीं होती,यूँ तो खुला ही था दरवाज़ा भी, दोनों ओर दोनों खड़े थेइस इंतज़ार में कि उधर से पहल कब तक नहीं होती। उसने भी कुछ नहीं कहा इस सोच में,शायद कुछ ना होगा उसके दिल मेंवरना इतनी देर अब तक नहीं होती।इसने… Continue reading क़रीबी फ़ासला

Poems

प्रकृति की नियति

वो फूल ही है,जो महकता है.., वो फूल ही है, जो बिखरता है.. वो फूल ही है, जो झड़ के खत्म हो जाता है,.. और वो भी फूल ही है जो झड़ने के बाद भी इत्र बनकर औरो को महकाता है.. ये सादगी है उसकी की हर उम्र को स्वीकारता है.. यह वास्तविकता है उसके… Continue reading प्रकृति की नियति